जैन धर्म के अनुसार ।जिन शास्त्रों में जीव द्रव्य से सम्बंधित प्रश्नोत्तर का वर्णन हो

Scriptures 9 views Asked 25 August, 2025

Quick Answer

जैन धर्म में जीव द्रव्य से सम्बंधित प्रश्नोत्तर का वर्णन मुख्यतः "Chaityavandan Bhashya Prashnottari" जैसे ग्रंथों में मिलता है, जो जीव और उसकी प्रकृति पर विस्तृत प्रश्नोत्तर प्रस्तुत करते हैं। इसके अतिरिक्त, जैन दर्शन और जीव के स्वरूप पर विभिन्न जैन जर्नल और शास्त्रीय टिप्पणियाँ भी उपलब्ध हैं।

Detailed Answer

जैन धर्म में जीव द्रव्य (आत्मा) की प्रकृति, स्वरूप और उससे सम्बंधित प्रश्नोत्तर का वर्णन विशेष रूप से "Chaityavandan Bhashya Prashnottari" जैसे ग्रंथों में मिलता है। यह ग्रंथ जैन पूजा और दर्शन के महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रश्नोत्तर के माध्यम से समझाता है, जिसमें जीव के स्वरूप, उसकी चेतना, और कर्म के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा होती है। जीव को जैन दर्शन में एक स्वतंत्र, अविनाशी और चेतन द्रव्य माना गया है, जो शरीर से पृथक् है और पुनर्जन्म के चक्र में बंधा रहता है।

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