सामायिक
Quick Answer
सामायिक जैन धर्म में एक विशेष ध्यान और संयम की अवस्था है, जिसमें व्यक्ति सांसारिक कर्मों से विरत होकर आत्मा की शुद्धि के लिए ध्यान करता है। यह साधना जैन आचार्यों द्वारा नियमित रूप से अनुशंसित है।
Detailed Answer
सामायिक जैन साधना का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसमें साधक अपने शरीर, मन और वचन को संयमित कर आत्मा की शुद्धि के लिए ध्यान और तपस्या करता है। यह अवस्था सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को अनुभव करने का प्रयास होती है। सामायिक के दौरान व्यक्ति न केवल बाहरी क्रियाओं से विरत रहता है, बल्कि आंतरिक भावनाओं और विचारों को भी नियंत्रित करता है।
Source References
This answer is generated by JainGPT and grounded in primary Jain scriptures, commentaries and scholarly texts from our digitised library. See the cited references below and our editorial standards.
Please sign in to vote on answers.
JainGPT
Comments (Loading...)
Please sign in to add comments and vote.